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एक ही साथ काल के गाल में समा गए पति-पत्नी और मासूम बेटा रेहान.

ByG P Soni

Jun 8, 2021

कैमुर: कैमुर के एनएच दो पर दुर्गावती के समीप रविवार को दर्दनाक हादसे में एक ही साथ पति पत्नी और मासूम बच्चा काल के गाल में समा गए जबकि कार की अगली सीट पर बैठी एक बच्ची बाल बाल बच गई. पुलिस के मुताबिक कार मथुरा से गया जा रही थी।

जिसको पिंटू कुमार सिंह चला रहे थे, और पीछे की सीट पर उनकी पत्नी काजल सिंह और बेटा रेहान बैठा हुआ था जबकि अगली सीट पर उनकी 8 वर्षिय बेटी श्रेया बैठी हुई थी पिंटू भारतीय सेना में थे जो अपने परिवार के साथ यूपी के मथुरा से अपने गांव गया जा रहे थे कार में पत्नी काजल सिंह 8 वर्षीय बेटी श्रेया और 6 वर्षीय बेटा रेहान भी साथ में था जैसे ही कार उत्तर प्रदेश की सीमा पार कर बिहार में आठ दस किलोमीटर आई,

अंडर कंस्ट्रक्शन नेशनल हाईवे 2 पर टाटा मोटर्स के पास खमीदौरा मोड़ के निकट गिट्टी लदा ओवरलोडेड ट्रक चलती कार के ऊपर गिर गया और तकरीबन 2 घंटे के काफी मशक्कत के बाद कार के ऊपर से ट्रक को उठाया गया गिट्टी को अनलोड किया गया तब जा कर क्रेन और जेसीबी मशीन से किसी तरह ट्रक को उठाया गया तब ट्रक के नीचे दबी कार को ट्रैक्टर से खींच कर निकाला गया इसके बाद तीनों को गाड़ी के भीतर से निकाल पीएचसी दुर्गावती पहुंचाया गया आपको बता दें कि कार की अगली सीट पर पिंटू कुमार सिंह की 8 वर्षीय बेटी श्रेया बैठी हुई थी जिसके पैर में जख्म है वह बाल-बाल बच गई काफी मशक्कत के बाद उसे जिंदा निकाला गया कार के ऊपर ट्रक के गिरते ही उसके भीतर से धुआं निकलने लगा ऐसी स्थिति में पुलिस प्रशासन और अधिक परेशान हो गया,लेकिन वहां मौजूद काफी संख्या में ग्रामीणों की मदद से और सूझबूझ के साथ क्षतिग्रस्त कार को किसी तरह से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी थी बताया यह जा रहा है कि ओवरटेक के दौरान अचानक सामने से आ रहे वाहन को देखकर तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया लिहाजा चलती कार पर पलट गया,

हादसा के पीछे एनएचएआई और कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही हुई उजागर

युं तो वाराणसी से औरंगाबाद तक अंडर कंस्ट्रक्शन सिक्स लेन हर वक्त हादसे को दावत देते रहता है जिस जगह पर हादसा हुआ है कहने के लिए तो नेशनल हाईवे 2 है लेकिन पिछले चार-पांच सालों से वहां डायवर्सन से ही गाड़ियां गुजरती हैं ।

सड़क काफी सकरा होने की वजह से ओवरटेक के दौरान 2 गाड़ियां आसानी से नहीं गुजरती यही नहीं जिस नेशनल हाईवे 2 पर चलने के लिए प्रति किलोमीटर के हिसाब से हम टैक्स देते हैं उस नेशनल हाईवे 2 की स्थिति काफी जर्जर है कहा तो यह जाता है कि सड़क निर्माण के दौरान डायवर्सन का कांसेप्ट कुछ समय के लिए होता है।

लेकिन यहां तो पिछले चार-पांच सालों से डायवर्सन के सहारे ही छोटी-बड़ी गाड़ियां हजारों की संख्या में गुजरती हैं कंट्रक्शन कंपनी के द्वारा सड़क का मरम्मत तक नहीं किया जा रहा हाईवे पर जगह-जगह ब्रेकर आम बात है दुर्गावती बाजार के समीप दुर्गावती नदी के ऊपर बने करीब 100 मीटर लंबे पुल पर सैकड़ों गड्ढे हैं पुल कब दरक जाए कहना मुश्किल छोटी गाड़ी या बाइक वाले कब मौत के आगोश में समा जाएं कोई ठीक नहीं अभी कुछ दिनों पूर्व हीं चेकपोस्ट के पास एक पेशगार की कार के ऊपर ओवरलोडेड ट्रक पलट गया था जिसमें दब कर उनकी मृत्यु हो गयी थी।

लेकिन यहां ना तो एनएचआई को फिक्र है ना ही शासन को और ना ही प्रशासन को लिहाजा हादसे में आम लोग जान गवाते जा रहे हैं आपको बता दें कि एनएच दो का सिक्स लेन में विस्तार सितंबर 2011 में शुरू हुआ जिसे मार्च 2014 तक पूरा कर लिया जाना था फिलहाल 2021 चल रहा है और सिक्स लेन बनकर तैयार नहीं हुआ।बहरहाल तो अभी और हादसे भी देखने बाकी हैं, क्योकी लगातार हो रहे सडक हादसे से सरकार या कंस्ट्रक्शन कम्पनी कोई सबक लेगी, ऐसा लगता नहीं।

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