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धान की रेट में सरकार ने किया इजाफा , जाने कितना हुआ रेट।

बिहार में धान खरीद जल्द शुरू होगी। इस बार थोड़ी देर हुई है, लेकिन एक सप्ताह में इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए अब तक 51 हजार किसानों ने निबंधन करा लिया है। निबंधन की प्रक्रिया धान खरीद के अंत तक चलती रहेगी। साधारण धान की कीमत 1868 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। गत वर्ष इस धान की कीमत 1815 रुपये प्रति क्विंटल थी। इस तरह धान खरीद की दर में इस बार 53 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

पुरजोर खरीद हर साल दिसम्बर के बाद ही 
राज्य में धान की सरकारी खरीद 15 नवम्बर से ही शुरू हो जाती है। यह अभियान 30 मार्च तक चलता है। लेकिन, इस वर्ष चुनाव के कारण इसमें थोड़ी देर हुई है। हालांकि, पुरजोर खरीद हर साल दिसम्बर के बाद से ही शुरू होती है। लिहाजा उस हिसाब से किसानों में इसको लेकर बहुत चिंता नहीं है।

किसानों में असली परेशानी नमी को लेकर
किसानों में असली परेशानी नमी को लेकर होगी। सरकार 17 प्रतिशत तक नमी वाला धान ही खरीदती है। नमी का प्रतिशत यहां तक फरवरी के पहले नहीं आता है। अभी जहां धान की कटनी हो गई है, वहां नमी 20 प्रतिशत से कम नहीं होगी। सरकार नमी में छूट की मांग तो केन्द्र से हर साल करती है, लेकिन दो प्रतिशत छूट देने का आदेश जब तक केन्द्र से आता है तब तक धान पूरा सूख जाता है और नमी खुद ही कम हो जाती है।

धान खरीद का लक्ष्य पाना सरकार के लिए होगी बड़ी चुनौती

सरकार की सभी कोशिशों के बावजूद बावजूद इस बार भी धान खरीद के लक्ष्य के करीब पहुंचना सहकारिता विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। राज्य में धान की सरकारी खरीद का आंकड़ा बढ़ नहीं रहा है। सरकार पिछले कुछ वर्षों से 30 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय करती है। लेकिन, वास्तविक खरीद 20 लाख टन से अधिक कभी नहीं हो पा रही है। हालांकि सरकार का यह लक्ष्य सांकेतिक होता है। तीन साल पहले धान खरीद का आंकड़ा काफी गिर गया था। यह आंकड़ा 12 लाख टन पहुंच गया था। लेकिन, उसके बाद स्थिति सुधरी है तो लगभग 18 से 20 लाख टन खरीद होने लगी। बावजूद इसके लाभ लेने वाले किसानों की संख्या दो से ढाई लाख के बीच ही होती है। इस बार निबंधन बहुत पहले से शुरू हो गया है। लिहाजा अब तक 51 हजार किसानों ने निबंधन करा लिया है। अब खरीद गति से अंदाजा लगेगा कि कितने किसान से कितना धान इस बार सरकार खरीद सकेगी।

धान खरीद का आंकड़ा

19.01 लाख टन 2014-15 में
18.23 लाख टन 2015-16 में
18.42 लाख टन 2016-17 में
11.84 लाख टन 2017-18 में
14.16 लाख टन 2018-19 में
20.01 लाख टन 2019-20 में

चालू वर्ष का आंकड़ा

51750 किसानों ने अब तक निबंधन कराया
1868 रुपये प्रति क्विंटल है दर

हाल के दिनों में कृषि की लागत बहुत बढ़ गई है। उसी हिसाब से समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है। समर्थन मूल्य में पिछले साल से मात्र 53 रुपए की वृद्धि बहुत कम है। इससे किसानों का उत्साह बढ़ेगा। हालांकि राज्य सरकार को कुछ बोनस भी देना चाहिए।’- सुदामा पांडे, प्रदेश अध्यक्ष, किसान सेना

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